
सागर। वन्दे भारत लाइव टीवी न्यूज रिपोर्टर सुशील द्विवेदी,8225072664*कहते हैं कि समय पर मिली मदद जीवन और मृत्यु के बीच की सबसे मजबूत दीवार होती है। सागर जिले में ‘डायल 112’ की टीम ने इसी बात को चरितार्थ करते हुए एक महिला को आत्मघाती कदम उठाने से ऐन वक्त पहले बचा लिया। पुलिस की इस तत्परता ने न केवल एक जान बचाई, बल्कि एक परिवार को बिखरने से भी रोक लिया। 22 अप्रैल 2026 को पुलिस कंट्रोल रूम सागर को इवेंट आईडी 5712 के माध्यम से एक अत्यंत संवेदनशील सूचना प्राप्त हुई। सूचनाकर्ता ने बताया कि धर्मश्री कॉलोनी (थाना मोती नगर) की निवासी रानी अहिरवार (उम्र 30 वर्ष), पति अनिल अहिरवार, ने अज्ञात कारणों के चलते स्वयं को कमरे में बंद कर लिया है और वह फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त करने का प्रयास कर रही हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए कंट्रोल रूम द्वारा तत्काल FRV (मोती नगर) को मौके के लिए रवाना किया गया। स्थिति की नजाकत को समझते हुए एफआरवी स्टाफ चंद मिनटों के भीतर बताए गए पते पर पहुँच गया। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था और भीतर से कोई हलचल नहीं हो रही थी। साहस और सूझबूझ: एएसआई नरवध सिंह एवं पायलट साजिद खान ने बिना वक्त गंवाए पड़ोसियों की मदद ली और कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। जैसे ही टीम अंदर पहुंची, महिला दुपट्टे का फंदा बनाकर उसे गले में डालने ही वाली थी। स्टाफ ने अत्यंत सूझबूझ दिखाते हुए महिला को सुरक्षित नीचे उतारा और उन्हें ढांढस बंधाया। इस सफल रेस्क्यू ऑपरेशन में निम्नलिखित स्टाफ की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण और सराहनीय रही: एएसआई नरवध सिंह (अदम्य सूझबूझ) पायलट साजिद खान (त्वरित वाहन संचालन और सक्रियता) घटनास्थल पर मौजूद नागरिकों और परिजनों ने सागर पुलिस के इस ‘देवदूत’ अवतार की जमकर प्रशंसा की। स्थानीय निवासियों का कहना था कि यदि पुलिस 2 मिनट भी और विलंब करती, तो परिणाम घातक हो सकते थे। इस कार्रवाई से आमजन के बीच पुलिस की छवि और अधिक सुदृढ़ हुई है।









